


रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और उनकी मांगों के समाधान की दिशा में उचित कदम उठाने की अपील की है। राहुल गांधी का यह पत्र 14 अगस्त 2026 का है, जो सोमवार को सार्वजनिक हुआ ।
रांची में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के खिलाफ छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को आंदोलन 24वें दिन में पहुंच गया। छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल भी जारी है और सोमवार को वह 15वें दिन में पहुंच गई।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए छात्रों की मांगों को जायज बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से स्वयं मिलने और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि युवाओं के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन आंदोलन जारी रहने और कुछ छात्रों के भूख हड़ताल पर बैठने को गंभीरता से लेने की बात कहीl
छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के कई दौर हो चुके हैं। सोमवार को भी सरकार और छात्रों के बीच वार्ता का एक और दौर प्रस्तावित था। इससे पहले 9 अगस्त को हुई बैठक में कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी थी। सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर बातचीत के लिए कमेटी बनाई गई है और कुछ मुद्दों पर सहमति बनने की बात भी सामने आई है।
इसी बीच सोमवार को झारखंड में JPSC-CGL परीक्षा को कथित अनियमितताओं के चलते रद्द किए जाने की खबर सामने आई है। परीक्षा रद्द होने के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है, हालांकि कई प्रदर्शनकारी अभी भी कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच और CBI जांच की मांग पर कायम हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि परीक्षा के आयोजन में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सही तरीके से पालन होता तो ऐसी गड़बड़ियां नहीं होतीं।
राहुल गांधी के पत्र के बाद इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। भाजपा ने राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र के लहजे पर सवाल उठाते हुए इसे निर्वाचित मुख्यमंत्री को निर्देश देने जैसा बताया। भाजपा IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी की चिट्ठी की आलोचना की है।
आंदोलनकारी छात्र सरकार से भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। कुछ छात्र संगठनों ने राहुल गांधी के हस्तक्षेप का स्वागत करने के बजाय कांग्रेस और राज्य सरकार से स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि केवल बातचीत से नहीं, बल्कि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
अब नजर सरकार-छात्र वार्ता के अगले दौर और आंदोलन के भविष्य पर है। राहुल गांधी की अपील के बाद क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं छात्रों से मुलाकात करेंगे और क्या सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस फैसला लेगी—यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

