
दीपका/कोरबा। नगर पालिका परिषद दीपका में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर आयोजित “सुशासन तिहार” के अंतर्गत विशाल सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं और मांगों से जुड़े आवेदन प्रशासन को सौंपे।
विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे और आम जनता की समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया में जुटे दिखाई दिए।शिविर के दौरान सबसे अधिक चर्चा नगर पालिका परिषद दीपका के वरिष्ठ पार्षद एवं पीआईसी सदस्य अरुणीश तिवारी की रही। उन्होंने नगर क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, यातायात, खेल, सफाई और जनसुविधाओं से जुड़े कुल 35 अलग-अलग आवेदन संबंधित विभागों को सौंपकर प्रशासनिक अमले का ध्यान क्षेत्र की समस्याओं की ओर आकर्षित किया।अरुणीश तिवारी ने प्रगति नगर, दीपका कॉलोनी, ऊर्जा नगर, ज्योति नगर, सुभाष नगर, सोमवारी बाजार और कृष्णा नगर सहित पूरे नगर पालिका क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने दीपका में यात्री रेलवे स्टेशन की स्थापना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों के अस्पताल में उन्नयन, हाईटेक एंबुलेंस उपलब्ध कराने और पशु चिकित्सालय निर्माण की मांग रखी।इसके अलावा थाना चौक में ट्रैफिक जाम से मुक्ति, कटघोरा-दीपका मार्ग पर रोड डिवाइडर निर्माण, स्वामी आत्मानंद स्कूल में आरटीई एडमिशन की जांच और एसईसीएल अस्पताल में आम नागरिकों के मुफ्त इलाज की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल रही।पालिका कर्मियों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन वृद्धि और पार्षदों के मानदेय बढ़ाने की मांग भी की। वहीं पेयजल समस्या को लेकर कई वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, वार्ड क्रमांक 13 में चार नए बोर उत्खनन और कॉलोनी क्षेत्रों में स्थायी जल समाधान की मांग रखी गई।वार्ड क्रमांक 13 के विकास कार्यों में हाई मास्क लाइट, अधूरे स्वागत द्वार का निर्माण, अटल परिसर में लाइब्रेरी, बैडमिंटन कोर्ट, आधुनिक जिम, ओपन जिम, बच्चों के लिए झूले और पुष्प वाटिका में टॉय ट्रेन दोबारा शुरू करने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।इसके साथ ही प्रगति नगर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में प्रतीक्षालय, दुर्गा पंडाल में पेवर ब्लॉक, राशन दुकान खोलने, महतारी वंदन योजना में छूटे हितग्राहियों के नाम जोड़ने और कोयला डस्ट से राहत दिलाने की मांग भी रखी गई।मानसून को देखते हुए जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज प्लान, कीटनाशक छिड़काव, विशेष सफाई अभियान और बंद पड़े वाटर प्लांटों को शुरू करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी गई। इसके अलावा नालियों, गलियों और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कई अन्य जनहित आवेदन भी सौंपे गए।
सुशासन शिविर में दिए गए आवेदनों का कितना और कब तक निराकरण हो पाएगा यह तो आने वाले समय में स्पष्ट होगा मगर अधिकारियों ने जल्द निराकरण का आश्वासन दिया है।

