
दीपका। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद अब भाजपा के स्थानीय नेता ही सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली से नाराज नजर आ रहे हैं। दीपका क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर भाजपा दीपका मंडल ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 10 दिनों के भीतर सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण मंडल के कार्यपालन अभियंता को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि दीपका क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार और बार-बार बिजली गुल हो रही है। इससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि बरसात के मौसम में ऐसी स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विद्युत लाइनों एवं उपकरणों का आवश्यक रखरखाव समय पर नहीं किए जाने के कारण बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। भाजपा नेताओं ने विभाग से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाकर नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस सरकार के नेतृत्व में प्रदेश का प्रशासन चल रहा है, उसी सरकार के सत्ताधारी दल के नेता अब विभागीय कार्यप्रणाली के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
भाजपा मंडल ने स्पष्ट कहा है कि यदि 10 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी बिजली कार्यालय पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कोरबा जिला प्रभारी मंत्री अरुण साव को भी भेजी गई है।अब बड़ा सवाल यह है कि जब सत्ता और संगठन दोनों भाजपा के पास हैं, तब बिजली संकट के समाधान के लिए आंदोलन की नौबत क्यों आ रही है? क्या विभागीय लापरवाही पर सरकार की पकड़ कमजोर पड़ रही है, या फिर यह जनता की नाराजगी को देखते हुए राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है? क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

