

कोरबा/गेवरा/ईसीएल गेवरा क्षेत्र में संचालित एडास (ADAS) माइनिंग कंपनी के कर्मचारी, ऑपरेटर, ड्राइवर एवं श्रमिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 14 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। श्रमिकों ने एकजुट होकर अपनी लंबित मांगों पर गंभीर चिंता जताई और चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।बैठक के दौरान मजदूरों ने एक स्वर में अपने अधिकारों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। पूरे परिसर में मजदूर एकता जिंदाबाद, मेहनत का पूरा दाम देना होगा, शोषण बंद करो, मजदूर विरोधी नीति बंद करो जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। श्रमिकों ने संकल्प लिया कि जब तक उनकी न्यायोचित मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।बैठक में श्रमिकों की प्रमुख मांगों में एचपीसी (HPC) दर के अनुसार पूर्ण वेतन, प्रत्येक माह 5 से 10 तारीख के भीतर वेतन भुगतान, दो माह से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान, ओवरटाइम का पूरा भुगतान, नियुक्ति पत्र, प्रत्येक माह वेतन पर्ची (Salary Slip) तथा गेट पास जारी करना शामिल है।बैठक को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर राजनीतिक संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल कुमार ने कहा कि मजदूर भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपने खून-पसीने की मेहनत की उचित मजदूरी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे शोषण और मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 14 जुलाई 2026 तक सभी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो श्रमिक अनिश्चितकालीन हड़ताल, खदान बंदी और एसईसीएल गेवरा क्षेत्र कार्यालय का घेराव करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी और प्रबंधन की होगी।बैठक के अंत में श्रमिकों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए कहा किजिस दिन मजदूर का सब्र टूटेगा, उस दिन खदान का पहिया भी रुक जाएगा।14 जुलाई को होने वाला आंदोलन अब गेवरा क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों की निर्णायक लड़ाई माना जा रहा है। श्रमिकों ने अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।

