बिलासपुर, एसईसीएल सरायपाली परियोजना में ठेकेदारों के खिलाफ श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। ठेकेदार विनय कुमार उपाध्याय और कंपनी कृष्णा इंफ्रा के अधीन कार्यरत ऑपरेटर, ड्राइवर और मजदूरों ने वेतन कटौती, ओवरटाइम नहीं मिलने और कथित उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
श्रमिकों ने के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल भी मौजूद रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्थानीय छत्तीसगढ़िया मजदूरों के हक के लिए संगठन पूरी ताकत से संघर्ष करेगा।
ज्ञापन के दौरान जिला उपाध्यक्ष केशी आदिवासी सहित बड़ी संख्या में श्रमिक, ड्राइवर और ऑपरेटर मौजूद रहे। श्रमिकों ने अपनी प्रमुख मांगों में एचपीसी दर के अनुसार पूरा भुगतान, ओवरटाइम का भुगतान, हर महीने वेतन पर्ची, नियुक्ति पत्र जारी करना, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता और बैठा दिए गए श्रमिकों की पुनर्बहाली की मांग रखी।
श्रमिकों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा लगातार गुंडागर्दी, धमकी और शोषण किया जा रहा है, जिस पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।गौरतलब है कि श्रमिक पहले भी 25 मार्च 2026 को कोरबा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। इससे नाराज श्रमिकों ने अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 28 अप्रैल 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बिलासपुर स्थित सीएमडी कार्यालय का घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।श्रमिकों ने साफ किया कि वे शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण अब आंदोलन तेज करने को मजबूर हैं।
यह मामला कोयला क्षेत्र में संविदा श्रमिकों की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा करता है।अब सभी की नजर प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि वह इस विवाद को कैसे और कब तक सुलझाता है।

