
दीपका। नगर पालिका दीपका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजेश गुप्ता का आखिरकार स्थानांतरण हो गया है। अब उनकी जगह नेत राम रत्नेश नगर पालिका की कमान संभालेंगे।
स्थानांतरण आदेश के बाद नगर पालिका के गलियारों से लेकर राजनीतिक चौपालों तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।सूत्रों की मानें तो कटघोरा और दीपका के कुछ प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर स्थानांतरण का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
नगर के राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि सीएमओ साहब “भाव” कम देते थे। कहा जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों की अपेक्षाओं के अनुरूप काम न होने और कई मामलों में अपनी कार्यशैली के अनुसार निर्णय लेने के कारण रिश्तों में खटास बढ़ती गई।
दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि अधिकारियों का काम नियमों के अनुसार चलना होता है, न कि हर किसी को खुश रखना।दिलचस्प बात यह भी है कि जिन कार्यों को लेकर शिकायतों का दौर चला, चर्चा है कि उनमें से कई कार्यों का भुगतान भी हो चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि काम इतने गलत थे तो भुगतान कैसे हुआ, और यदि भुगतान हो गया तो फिर विवाद का असली कारण क्या था?
अब नगर पालिका में नए सीएमओ नेत राम रत्नेश की एंट्री हो चुकी है। जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नई कार्यशैली से विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी, या फिर नगर पालिका में फाइलें और राजनीति दोनों पहले की तरह साथ-साथ दौड़ती रहेंगी।
कटाक्ष यह भी है कि दीपका में विकास कार्यों की सफलता का पैमाना अब सड़क, नाली और सफाई नहीं, बल्कि यह माना जाने लगा है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों को कितना “भाव” देता है।
फिलहाल, सीएमओ बदल गए हैं, चर्चाएं नहीं। अब देखना यह है कि नए अधिकारी नगर पालिका को नई दिशा देते हैं या फिर कुछ समय बाद वही पुरानी शिकायतें नए नाम के साथ सुनाई देती हैं।

