कोरबा। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के कोरबा जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने छत्तीसगढ़ के सभी 11 लोकसभा सांसदों को एक पत्र प्रेषित कर प्रदेश व स्थानीय जनहित के 17 सबसे गंभीर और व्यावहारिक विषयों पर उनकी संसदीय भूमिका, धरातलीय परिणामों और आगामी कार्ययोजना पर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है।

जैनेन्द्र कुर्रे ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया है कि यह पहल किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप या व्यक्तिगत आलोचना के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता और उसके निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच पारदर्शी संवाद व संसदीय जवाबदेही स्थापित करने के लिए की गई है। पत्र में सांसदों से उनके कार्यकाल के दौरान संसद में पूछे गए प्रश्नों, मंत्रालयों से मिले उत्तरों और जमीन पर दिखे वास्तविक परिणामों का पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर लिखित ब्यौरा माँगा गया है।

छत्तीसगढ़ी भाषा को संवैधानिक दर्जा व शिक्षा में स्थान, छत्तीसगढ़ी को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने तथा इसे स्कूली पाठ्यक्रम, शैक्षणिक सामग्री व डिजिटल संसाधनों में प्राथमिकता देने हेतु संसद में उठाई गई आवाज और उसकी वर्तमान स्थिति।जल-जंगल-जमीन, विस्थापन व आदिवासी अधिकार,औद्योगिक व खनन परियोजनाओं के दौरान वनाधिकार अधिनियम (FRA 2006) व पेसा (PESA 1996) के कड़ाई से पालन, ग्राम सभाओं की भूमिका और प्रभावित परिवारों के न्यायसंगत पुनर्वास व मुआवजे पर संसदीय हस्तक्षेप।स्थानीय युवाओं को रोजगार व कौशल विकास,खनन व औद्योगिक क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं को कानून के अनुरूप रोजगार, अप्रेंटिसशिप, प्रशिक्षण व प्राथमिकता देने हेतु उठाए गए कदम।DMF व CSR कोष की पारदर्शिता, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) और CSR की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा,आजीविका व बुनियादी ढाँचे के लिए पारदर्शी तरीके से करने और सामाजिक ऑडिट सुनिश्चित करने का विषय।औद्योगिक प्रदूषण, फ्लाई ऐश व विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ,फ्लाई ऐश के सुरक्षित निपटान, औद्योगिक प्रदूषण की सख्त निगरानी और कोरबा सहित प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा केंद्रों व व्यावसायिक रोग पहचान व्यवस्था के विकास पर मंत्रालयों का जवाब, ट्रेनों के लगातार रद्दीकरण पर रोक लगाने, कोरबा-गेवरा सहित राज्य में नई ट्रेनों के संचालन, सीधी रेल कनेक्टिविटी और ग्रामीण सड़क संपर्क परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, खनिजों के सीधे दोहन के बजाय राज्य में ही डाउनस्ट्रीम उद्योगों, मूल्य संवर्धन (Value Addition) तथा MSME को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन की नीति पर केंद्र सरकार का रुख।छोटे व्यापारियों हेतु UPI MDR की पुनर्समीक्षा,₹2,000 से अधिक के P2M UPI भुगतान पर 0.4% MDR शुल्क की पुनर्समीक्षा कर छोटे कारोबारियों व आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक भार से बचाने हेतु संसद में प्रश्न उठाने का आग्रह। संसदीय कार्यप्रणाली का लिखित ब्यौरा,सांसदों द्वारा पूछे गए प्रश्नों (तारांकित/अतारांकित), शून्यकाल, नियम 377 में उठाए गए विषयों, लंबित मामलों और आगामी संसदीय सत्र हेतु उनकी प्राथमिकताओं की तथ्यात्मक जानकारी।

जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा कि “लोकतंत्र में जनता केवल चुनाव के समय वोट देने वाली शक्ति नहीं है, बल्कि चुनाव के बाद प्रश्न पूछने वाली लोकतांत्रिक शक्ति भी है।” उन्होंने विश्वास जताया कि सभी 11 सांसद इस नागरिक निवेदन को सकारात्मक रूप में लेते हुए 15 दिवस के भीतर अपना संसदीय रिकॉर्ड साझा करेंगे। प्राप्त जानकारियों को एक ‘नागरिक जनहित दस्तावेज’ के रूप में संकलित कर आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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