अविनाश सिंग रायपुर

रायपुर, छत्तीसगढ़ | 7 जुलाई 2025राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सोमवार को तेज बारिश के बावजूद कांग्रेस द्वारा आयोजित विशाल जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी। खराब मौसम के बावजूद जुटी यह भीड़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए नए उत्साह का संचार बन गई।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की NDA सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,> “यह सरकार दो पांवों पर टिकी है – एक टीडीपी और दूसरा नीतीश बाबू। इनमें से कोई एक भी खिसका, तो सरकार गिर जाएगी।
“बारिश में भीगती रही भीड़, बढ़ता रहा जोश
सोमवार सुबह से रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही थी। बावजूद इसके, कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक बड़ी संख्या में साइंस कॉलेज मैदान पहुंचे। वाटरप्रूफ टेंट के नीचे गिरते पानी में भीगते हुए भी कार्यकर्ताओं ने खड़गे, बघेल और अन्य नेताओं के भाषणों को ध्यानपूर्वक सुना। दोपहर बाद बारिश में थोड़ी राहत मिलने पर जनसभा में भीड़ और अधिक बढ़ गई।
खड़गे का तीखा हमला – “जनता त्रस्त है, बदलाव तय है”अपने भाषण में खड़गे ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि> “देश की जनता विकराल महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है। यह सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों की सेवा में लगी है, जबकि आम जनता की पीड़ा अनदेखी की जा रही है।
“उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि जनता अब बदलाव के मूड में है और आगामी चुनाव में सत्ता परिवर्तन तय है।

भूपेश बघेल ने गिनाईं पुरानी सरकार की उपलब्धियां।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने कार्यकाल के दौरान लागू की गई जन-कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी सरकार ने किसानों की कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, और गौठान योजना जैसी पहलों से गरीबों को सशक्त किया।
उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि किसान खाद के लिए भटक रहे हैं और जनता की उम्मीदें अधूरी रह गई हैं।
सभा को सचिन पायलट, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कई अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। मंच पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और रायपुर जिले के तमाम वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
सभा के समापन पर खड़गे को कांग्रेस जनों ने हल की प्रतीकात्मक भेंट दी – जो किसानों के सम्मान और पार्टी की प्राथमिकता का प्रतीक था।राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस जनसभा में भारी भीड़ और नेतृत्व की आक्रामकता से यह साफ संकेत गया है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस वापसी की रणनीति पर गंभीरता से काम कर रही है, और कार्यकर्ताओं में नव संजीवनी का संचार हो रहा है।

