मासूम बच्चे के इलाज में लापरवाही का मामला गरमाया

कोरबा। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोरबा जिले के रैनपुर निवासी आशुतोष केवट ने पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपने मासूम पुत्र समक्ष केवट के इलाज में लापरवाही और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।

परिजनों के अनुसार 20 मई को बुखार और पेट दर्द की शिकायत के बाद बच्चे को पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि तीन दिनों तक इलाज चलने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को बेड उपलब्ध नहीं कराया और उसे फर्श पर रखकर ग्लूकोज चढ़ाया जाता रहा।

बताया जा रहा है कि जब परिजनों ने इस पूरी स्थिति का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया तो अस्पताल के अधिकारी और चिकित्सक नाराज हो गए। आरोप है कि इसके बाद परिजनों को फोन कर धमकाया गया और कहा गया कि “तुम्हें जेल भिजवा देंगे, उसके बाद ही बच्चे को डिस्चार्ज किया जाएगा।

परिजनों ने इस पूरे मामले की शिकायत कोरबा पुलिस अधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की है। उनका कहना है कि बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इलाज से ज्यादा वीडियो बनाने पर नाराज दिखाई दिया।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मासूम बच्चों को बेड तक नसीब नहीं हो रहा, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं किस दावे पर खड़ी हैं?

स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि परिजनों द्वारा वीडियो नहीं बनाया जाता तो शायद यह मामला सामने भी नहीं आता।

अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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