दीपका (कोरबा)। नगर पालिका परिषद दीपका की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस नेताओं ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय के बाद अब कांग्रेस के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।बंद पड़े आश्रय स्थल, वार्डों में बोर के निजी उपयोग और बस स्टैंड के संचालन जैसे मुद्दों को लेकर शिकायतें और मांगें सामने आई हैं।

नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित आश्रय स्थल एक बार फिर सुर्खियों में है। वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद आकाश साहू ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर करीब दो वर्षों से बंद पड़े आश्रय स्थल का संचालन तत्काल शुरू कराने की मांग की है।अपने आवेदन में उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों को अस्थायी आवास एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस आश्रय स्थल का निर्माण किया गया था। संचालन के दौरान कई लोगों को इसका लाभ मिला, लेकिन पिछले दो वर्षों से इसके बंद रहने के कारण करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति उपयोगहीन बनी हुई है।पार्षद ने मांग की है कि आश्रय स्थल के संचालन के लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू कर इसे पुनः आम जनता के लिए खोला जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।

नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए बोर के निजी उपयोग बस स्टैंड संचालन के मुद्दे

इधर नगर पालिका की नेता प्रतिपक्ष हर्षित देवी राजपूत ने भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधीश को शिकायत भेजी है। शिकायत में वार्ड क्रमांक 4, 5 और 18 में सार्वजनिक बोर के कथित निजी उपयोग का मुद्दा उठाते हुए इसकी जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है।इसके अलावा उन्होंने दीपका बस स्टैंड के संचालन को सुव्यवस्थित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि बस स्टैंड की अव्यवस्थित स्थिति से यात्रियों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

लगातार सामने आ रही शिकायतों और जनप्रतिनिधियों की मांगों ने नगर पालिका परिषद दीपका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित आश्रय स्थल वर्षों से बंद पड़ा है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग और बस स्टैंड की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।अब निगाहें नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर क्या कार्रवाई होती है और आम जनता को राहत दिलाने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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