कोरबा/गेवरा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में संयुक्त परामर्शदात्री समिति (JCC) के गठन और उसकी वैधता को लेकर नया विवाद सामने आया है। 1 जून 2026 को जारी दो अलग-अलग पत्रों ने श्रमिक संगठनों और प्रबंधन के बीच चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है।


एक ओर कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) के केंद्रीय महामंत्री नथुलाल पाण्डेय ने महाप्रबंधक, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र को पत्र जारी कर गेवरा क्षेत्र की जेसीसी समिति के लिए दो सदस्यों का नामांकन किया है। जारी पत्र में दीपका क्षेत्र के 132 केवी सब स्टेशन के फोरमैन (इनचार्ज) गिरिजा साहू तथा गेवरा परियोजना के वरिष्ठ डंपर ऑपरेटर शिव कुमार को जेसीसी सदस्य के रूप में नामित करते हुए समिति की बैठकों में आमंत्रित किए जाने का अनुरोध किया गया है।


वहीं दूसरी ओर हिंद खदान मजदूर फेडरेशन (एचकेएमएफ) की ओर से भी उसी दिन महाप्रबंधक को पत्र भेजा गया है, जिसमें 31 दिसंबर 2025 के पूर्व गठित समितियों को ही वैध बताते हुए उनसे ही चर्चा एवं वार्ता किए जाने की मांग की गई है।


पत्र में आरोप लगाया गया है कि कोयला मजदूर सभा के केंद्रीय महामंत्री नथुलाल पाण्डेय के विरुद्ध आर्थिक अनियमितताओं एवं संगठनात्मक प्रक्रियाओं के उल्लंघन से संबंधित शिकायतें ट्रेड यूनियन कोल फेडरेशन और रजिस्ट्रार कार्यालय में लंबित हैं। ऐसे में उनके द्वारा गठित नई समितियों की वैधता और प्रतिनिधित्व पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।


फेडरेशन ने प्रबंधन से मांग की है कि जांच और वैधानिक स्थिति स्पष्ट होने तक कथित रूप से विवादित अथवा असंवैधानिक तरीके से गठित समितियों के साथ किसी प्रकार की चर्चा, वार्ता अथवा पत्राचार नहीं किया जाए। साथ ही संबंधित परियोजना और इकाई कार्यालयों को भी आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है ताकि किसी प्रकार का श्रम विवाद उत्पन्न न हो।


इस घटनाक्रम के बाद एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में जेसीसी समितियों की वैधता को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां कोयला मजदूर सभा नई समिति के गठन और नामांकन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ हिंद खदान मजदूर फेडरेशन इसे चुनौती देते हुए पुरानी समितियों को ही मान्यता देने की मांग कर रहा है।


अब निगाहें एसईसीएल प्रबंधन पर टिकी हैं कि वह इन दोनों दावों और आपत्तियों के बीच किसे वैध मानते हुए आगे की प्रक्रिया तय करता है। श्रमिक संगठनों के बीच बढ़ता यह विवाद आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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