कोरबा – कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) एवं निर्माण कार्यों की क्रियान्वयन एजेंसियों को निर्देशित किया कि जिले में संचालित सभी निर्माण कार्य निर्धारित प्राक्कलन एवं स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप ही किए जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने के साथ कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।कलेक्टर दुदावत ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्यों में निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन अथवा गुणवत्ताविहीन सामग्री के उपयोग की शिकायत या जांच में पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने के बाद भुगतान संबंधी प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि बिना ठोस कारण के किसी ग्राम पंचायत के दस्तावेज अथवा भुगतान संबंधी प्रकरण को रोका जाता है और भुगतान में अनावश्यक विलंब होता है, तो संबंधित लिपिक एवं जनपद सीईओ की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही मत्स्य पालन एवं पशुधन चिकित्सा विभाग को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने माय भारत पोर्टल अंतर्गत युवाओं को जोड़ने और प्रश्नोत्तरी आयोजित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कौशल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए ड्रोन दीदी प्रशिक्षण सहित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के अंतर्गत संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए तथा प्रशिक्षण के बाद उन्हें आजीविका एवं रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।बैठक में कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस तथा ई-ऑफिस में अनिवार्य रूप से ऑनबोर्ड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों की ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति की भी समीक्षा की और सभी विभागों को निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की उपस्थिति एवं समयबद्धता को गंभीरता से सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर ने नियमित रूप से समय पर कार्यालय पहुंचने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति का रिकॉर्ड निकालकर उत्कृष्ट समयपालन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), मुख्यमंत्री जनदर्शन सहित अन्य महत्वपूर्ण एवं लंबित पत्रों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन,निगमायुक्त आशुतोष पांडेय,अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओएसडी तरुण कुमार किरण (आईएएस), एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे (आईएएस) सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

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