शाजी थामस
दीपका: नगर पालिका क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों द्वारा नालियों की सफाई का कार्य किया जा रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधित उपकरण नहीं उपलब्ध कराई गई है। सफाई कर्मियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और मानकों के यह काम कराया जा रहा है।जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सफाई कार्य में कर्मियों के लिए आवश्यक दस्ताने, मास्क, बूट और अन्य सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। यह न केवल उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी है। साथ ही सफाई के दौरान जहरीले गैसों और हानिकारक कचरे के संपर्क में आने का खतरा होता है, जिससे कर्मियों को गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

हमने जब इस संबंध में चर्चा की तो सफाई कर्मियों ने बताया कि पालिका द्वारा न तो उन्हें सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है और न ही आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। एक कर्मी ने कहा, “हम बिना किसी सुरक्षा के काम कर रहे हैं। हमारी जान जोखिम में है, लेकिन हमारी समस्याओं को पालिका और ठेकेदार द्वारा अनदेखा किया जा रहा है।
इस मामले पर नगर पालिका के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
उल्लेखनीय है कि स्वच्छता और सफाई अभियान को सुरक्षित तरीके से लागू करने के लिए सरकार और संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना हो कि सभी सफाई कर्मियों को आवश्यक उपकरण और सुरक्षा दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, उन्हें कार्य से पहले उचित प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। मगर इन सब से परे बिना किसी नियमों के कार्य कराए जा रहे हैं जो मानव अधिकार का भी हनन है।नगर पालिका क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर हो रही इस अनदेखी ने न केवल उनकी जान को खतरे में डाला है बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
तस्वीरें में आप देख सकते हैं संबंधित नगर पालिका के अधिकारी खड़े हो कर कार्य करा रहे हैं।

