बिलासपुर/कोरबा। SECL में वर्षों से सक्रिय कोयला मजदूर पंचायत ने एक बार फिर प्रबंधन से चेक-ऑफ सिस्टम से जुड़ी बैठकों में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। संगठन ने इस संबंध में एसईसीएल प्रबंधन को पत्र सौंपकर दावा किया है कि वह लंबे समय से कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक उसे औद्योगिक संबंध (IR) और चेक-ऑफ सिस्टम से बाहर रखा गया है।
संगठन के महासचिव विनय सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोयला मजदूर पंचायत एक पंजीकृत श्रमिक संगठन है तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और श्रम कानूनों के अनुसार उसे भी चेक-ऑफ सिस्टम और उससे संबंधित बैठकों में शामिल किया जाना चाहिए।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले कोयला मजदूर सभा के महासचिव नाथूलाल पांडे ने गेवरा-दीपका क्षेत्र के रेशम लाल यादव और उनकी टीम को संगठन से भंग कर दिया था। इसके बाद रेशम लाल यादव अपने समर्थकों के साथ कोयला मजदूर पंचायत में शामिल हो गए। और अभी अध्यक्ष पद पर हैं
कोयला मजदूर पंचायत का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से SECL में कर्मचारियों के हितों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है, लेकिन इसके बावजूद उसे अब तक IR बैठकों और चेक-ऑफ सिस्टम में स्थान नहीं दिया गया है। संगठन ने इसे श्रमिक हितों की अनदेखी बताते हुए प्रबंधन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

