बारिश ने धोया प्रतिमा का रंग, सामने आई ‘सीमेंट’ की असलियत।कटघोरा नगर पालिका का कारनामा, अटल जी के सम्मान के साथ भद्दा मजाक।
क्षेत्रीय अधिकारी ने निरीक्षण में पाई भारी अनियमितता, कार्रवाई का दिया भरोसा।
कोरबा/कटघोरा पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को सहेजने के लिए बनाए गए ‘अटल परिसर’ में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कोरबा जिले के कटघोरा नगर पालिका परिषद में स्थापित अटल जी की जिस प्रतिमा को ब्रॉन्ज (धातु) का होना चाहिए था, वह कथित तौर पर सीमेंट की निकली है। हाल ही में हुई बारिश ने इस ‘ब्रॉन्ज’ की मूर्ति का रंग धो डाला और पूरे फर्जीवाड़े की पोल खोल कर रख दी।
छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने सभी नगरीय निकायों में अटल जी की याद में ‘अटल परिसर’ बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की थी। इसके तहत नगर निगम, पालिका और पंचायतों को भारी-भरकम राशि आवंटित की गई थी ताकि तय मापदंडों के अनुसार भव्य प्रतिमा स्थापित की जा सके। लेकिन कटघोरा में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों ने इस योजना को ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में हुई बारिश के बाद प्रतिमा का रंग कई जगहों से उखड़ने लगा। जब लोगों ने करीब से देखा, तो पता चला कि मूर्ति ब्रॉन्ज की नहीं, बल्कि सीमेंट या किसी अन्य सस्ती सामग्री से बनाई गई है, जिस पर केवल ब्रॉन्ज जैसा दिखने वाला रंग पोत दिया गया था। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर प्रतिमा सच में धातु की होती, तो पानी से उसका रंग इस तरह कभी नहीं उतरता।
अधिकारियों ने भी मानी गड़बड़ी की बात
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इस पर खर्च किए गए लाखों रुपयों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।लगातार बढ़ रहे बवाल और शिकायतों के बाद क्षेत्रीय अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। जांच के बाद अधिकारी ने खुद स्वीकार किया कि मूर्ति निर्माण और स्थापना में बड़ी अनियमितता बरती गई है। उन्होंने परिसर में कई अन्य खामियां भी पाई हैं और आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर हुए इस बड़े फर्जीवाड़े में प्रशासन कब और क्या सख्त कदम उठाता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

