● वायरल वीडियो में पहिए के नीचे दबे कर्मचारी के छटपटाने का दावा
● घटना का वीडियो बनाने से रोकने की भी चर्चा
● एसईसीएल प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल, पीआरओ ने नहीं उठाया फोन
कोरबा। एसईसीएल की कुसमुंडा परियोजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। खदान में कार्यरत कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। घटना रविवार रात की बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव किसी भारी वाहन के पहिए के नीचे दब गए थे। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि घटना के दौरान घायल कर्मचारी दर्द से छटपटा रहा था, लेकिन वहां मौजूद लोगों को घटना का वीडियो बनाने से रोका जा रहा था। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल कर्मचारी को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक प्रेम सिंह ध्रुव कबीरधाम जिले के पंडरिया क्षेत्र के बिछिया गांव का निवासी बताया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह हादसा भारी वाहन के पहिए से हुआ, तो सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं हुआ? घटना के समय मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी? घायल कर्मचारी को तत्काल राहत और उपचार उपलब्ध कराने में कहीं देरी तो नहीं हुई? इन सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं।
हैरानी की बात यह भी है कि घटना के कई घंटे बाद तक एसईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। मामले की जानकारी लेने के लिए जब एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी सनीश चंद्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
अब सवाल सिर्फ एक कर्मचारी की मौत का नहीं, बल्कि खदानों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों की सुरक्षा का है। यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे सही हैं, तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एसईसीएल प्रबंधन इस मामले में क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देता है, जांच के क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

