कोरबा/हरदी बाजार। हरदी बाजार रिकी रोड स्थित IDEL Industrial Barood Factory में सोमवार को मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। ड्राइवर, ऑपरेटर और अन्य श्रमिकों ने सुबह से ही काम बंद कर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे फैक्ट्री का काम करीब 9 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा।मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें कम मजदूरी में जोखिम भरे माहौल में काम करने को मजबूर किया जाता है।

उनकी मुख्य मांगों में मजदूरी बढ़ाने, जान जोखिम में डालकर काम कराने की प्रथा बंद करने, पर्याप्त सेफ्टी उपकरण उपलब्ध कराने और खतरनाक कार्यों के लिए अतिरिक्त भत्ता देने जैसी बातें शामिल रहीं।श्रमिकों ने 10 सूत्रीय मांगपत्र प्रबंधन को सौंपा और साफ कहा कि बारूद और विस्फोटकों की फैक्ट्री में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है, इसलिए सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।

लंबी और गर्मागर्म बातचीत के बाद आखिरकार प्रबंधन को झुकना पड़ा और मजदूरों की अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई। इसके बाद श्रमिकों ने हड़ताल को स्थगित कर काम फिर से शुरू करने का निर्णय लिया।

इस दौरान छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने मजदूरों को समर्थन देते हुए कहा कि हक की लड़ाई में संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।मजदूरों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया कि संगठित संघर्ष से बड़े से बड़ा प्रबंधन भी झुकने को मजबूर हो जाता है।

यह घटना औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे को एक बार फिर प्रमुखता से सामने लाती है।

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