स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा पर नियमों का ब्रेक!
दीपका में 500 बिस्तर अस्पताल की मांग तकनीकी कारणों से खारिज, आबादी बनी सबसे बड़ी बाधा
सुशासन तिहार में पार्षद अरुणीश तिवारी की मांग पर स्वास्थ्य विभाग का जवाब
नेहरू शताब्दी अस्पताल में मुफ्त इलाज की मांग पर सकारात्मक पहल, SECL को भेजा गया पत्र
दीपका। कोयलांचल क्षेत्र दीपका में 500 बिस्तरों वाले बड़े अस्पताल की मांग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्वास्थ्य विभाग ने ऐसा जवाब दिया है, जिसने स्थानीय राजनीति और जनभावनाओं में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से 500 बिस्तर अस्पताल की घोषणा की गई थी, वहीं दूसरी ओर विभाग ने अब साफ कर दिया है कि मौजूदा नियमों के तहत यह मांग पूरी करना संभव नहीं है।
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब नगर पालिका परिषद दीपका के वरिष्ठ भाजपा नेता, पार्षद एवं पीआईसी सदस्य अरुणीश तिवारी द्वारा सुशासन तिहार शिविर में क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण मांगें रखी गई थीं। इन मांगों पर स्वास्थ्य विभाग ने लिखित जवाब जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की है।
500 बिस्तर अस्पताल की मांग पर विभाग का साफ जवाब
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शासकीय नियमों के तहत 500 बिस्तर क्षमता वाले बड़े अस्पताल की स्थापना के लिए न्यूनतम 2 लाख 50 हजार की जनसंख्या आवश्यक है। जबकि विभागीय रिकॉर्ड में दीपका नगर पालिका क्षेत्र की आबादी मात्र 29 हजार 814 दर्ज है।यही कारण है कि वर्तमान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को 500 बिस्तर के अस्पताल में अपग्रेड करने का प्रस्ताव तकनीकी रूप से स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
मंत्री की घोषणा और विभागीय जवाब में विरोधाभास?
मामले को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि कुछ समय पूर्व दीपका में आयोजित सहस्त्रबाहु जयंती समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंच से सार्वजनिक घोषणा करते हुए कहा था कि दीपका के स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर इसे 500 बिस्तर का अस्पताल बनाया जाएगा।
अब विभाग द्वारा जनसंख्या संबंधी नियमों का हवाला दिए जाने के बाद लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मंत्री की घोषणा को अमलीजामा कैसे पहनाया जाएगा? क्या शासन नियमों में विशेष छूट देगा या फिर यह घोषणा केवल आश्वासन बनकर रह जाएगी?
हालांकि 500 बिस्तर अस्पताल की मांग फिलहाल नियमों में उलझ गई है, लेकिन दीपका की जनता के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है।पार्षद अरुणीश तिवारी ने सुशासन तिहार में मांग की थी कि कोयलांचल क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों को SECL के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस मांग पर स्वास्थ्य विभाग ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए SECL प्रबंधन को आधिकारिक पत्र भेजा है। विभाग ने पत्र में CSR एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत स्थानीय नागरिकों को मुफ्त उपचार सुविधा देने पर विचार करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य विभाग का जवाब मिलने के बाद पार्षद अरुणीश तिवारी ने कहा कि तकनीकी नियमों की जानकारी विभाग ने दी है, लेकिन दीपका की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने का अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि नेहरू शताब्दी अस्पताल में स्थानीय नागरिकों को मुफ्त इलाज दिलाने के लिए SECL प्रबंधन से लगातार संवाद किया जाएगा। साथ ही 500 बिस्तर अस्पताल की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से पुनः मुलाकात कर विशेष समाधान की मांग भी की जाएगी।
अब सवाल उठ रहा है कि जब स्वास्थ्य मंत्री ने मंच से घोषणा कर दी थी, तो क्या नियम बदलेंगे या घोषणा बदल जाएगी?फिलहाल दीपका की जनता इसी सवाल के जवाब का इंतजार कर रही है।

