
कोरबा/जिले में डीजल और पेट्रोल की कमी अब साफ तौर पर दिखाई देने लगी है। हालात ऐसे हैं कि पेट्रोल पंपों पर ट्रकों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन जरूरतमंद वाहन चालकों को पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है। ताजा मामला हरदी बाजार स्थित बलौदा रोड के पास खनिज नाका क्षेत्र का है, जहां पेट्रोल पंप में भारी संख्या में ट्रक खड़े दिखाई दिए। आरोप है कि ट्रक चालकों को ₹3000 तक का भी डीजल देने से मना किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर डिब्बों में भरकर डीजल सप्लाई किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों द्वारा भेजे गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक तरफ ट्रकों की लंबी लाइन लगी हुई है और दूसरी तरफ छोटे टैंकरों में डीजल भरा जा रहा है। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक निर्देशों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा हाल ही में आदेश जारी किया गया है कि पेट्रोल पंप संचालक सीधे वाहनों की टंकी में ही पेट्रोल-डीजल भरेंगे। ड्रम, बोतल, जरीकेन अथवा अन्य कंटेनरों में ईंधन देने पर रोक लगाई गई है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान रखा गया है।
नियमों के अनुसार ऐसे वाहन या मशीनें जो पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंच सकतीं, उन्हें अनुमति के आधार पर डीजल दिया जा सकता है। वहीं रास्ते में किसी वाहन का डीजल समाप्त हो जाने की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी की अनुशंसा पर भी ईंधन उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके अलावा कृषि कार्य, निर्माण कार्य एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े मामलों में प्रशासनिक अनुमति के बाद सप्लाई संभव है।
लेकिन अब आरोप लग रहे हैं कि इसी नियम का फायदा उठाकर कुछ पेट्रोल पंप संचालक बड़े पैमाने पर गैर-स्थानों में डीजल सप्लाई कर रहे हैं, जबकि आम वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों और चालकों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

