


रायपुर। योग गुरु बाबा रामदेव ने सोमवार को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि एक दिन पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान फिर से भारत का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने लोगों से इसके लिए धैर्य रखने की बात कही।बाबा रामदेव ने कहा कि भारत में हिंदू, मुस्लिम या ईसाई किसी भी धर्म को खतरा नहीं है, बल्कि देश की चिंता उसके सम्मान और गरिमा को लेकर होनी चाहिए। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की ओर से हिंदुओं की स्थिति को लेकर की गई टिप्पणी पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और पाकिस्तान-बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुए ऐतिहासिक अत्याचारों का जिक्र किया।बच्चों को आंदोलन में शामिल करने पर भी उठाए सवालइससे पहले रायपुर में ही बाबा रामदेव ने देश में चल रहे छात्र और युवा आंदोलनों को लेकर कहा कि हिंदू-मुस्लिम नहीं, बल्कि देश का बचपन खतरे में है। उन्होंने छोटे बच्चों को आंदोलनों में धकेले जाने पर चिंता जताई और कहा कि बच्चों का इस्तेमाल राजनीतिक या सामाजिक विरोध-प्रदर्शन के लिए नहीं होना चाहिए।रामदेव ने कहा कि देश के शिक्षा और स्वास्थ्य सिस्टम में सुधार की जरूरत है। उनके मुताबिक किसी एक राजनीतिक पार्टी, विपक्षी समूह या व्यक्ति के पास अकेले पूरे सिस्टम को बदलने की क्षमता नहीं है। इसके लिए सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।सरकारी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था पर भी सवालबाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के दौरान सरकारी नौकरियों और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी चिंता जताई थी। उन्होंने व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर फिर आंदोलन में उतरने की चेतावनी दी थी।अब उनके ताजा बयानों ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। खास तौर पर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के भारत में फिर शामिल होने वाले बयान को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

