बिलासपुर।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को श्रमिकों की समस्याओं और टेंडर व्यवस्था में सुधार को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन में मांग की गई कि एसईसीएल की अनुमानित लागत (Estimated Cost) से 14.99 प्रतिशत से अधिक कम दर पर टेंडर सामान्य रूप से स्वीकार नहीं किए जाएं।

संगठन का कहना है कि बहुत कम दर पर टेंडर मिलने से ठेका कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर मजदूरों, वाहन चालकों और मशीन ऑपरेटरों के वेतन व सुविधाओं पर पड़ता है।उमागोपाल कुमार ने कहा कि कई परियोजनाओं में श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। एचपीसी (HPC) दर के अनुसार भुगतान, ओवरटाइम, पीएफ, ईएसआई, नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची जैसी सुविधाओं में भी अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी ठेका कंपनी का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जिससे श्रमिकों, ठेका कंपनियों और एसईसीएल—सभी के हित सुरक्षित रहें।ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि टेंडर स्वीकृत करने से पहले संबंधित कंपनी की आर्थिक स्थिति, मशीनरी और श्रमिकों को वैधानिक सुविधाएं देने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाए। साथ ही सभी कंपनियों में श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

इस दौरान 500 से अधिक श्रमिकों, वाहन चालकों और मशीन ऑपरेटरों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्र भी एसईसीएल प्रबंधन को सौंपे गए। ज्ञापन की प्रतिलिपि कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड और श्रम विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला सह संयोजक भारत पटेल, जिला उपाध्यक्ष केशी आदिवासी, महेंद्रकांत कुर्रे, गणेश साहू, ओम केवट, राजा राठौर, अवधराम मरावी, बिसाहू राम, पूरान लाल, नरेंद्र बेरेट, प्रशांत राज, सर्वेश सागर, सुनील नायक, राजकिशोर माझी और जन सिंह सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

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