गेवरा/दीपका:कोयलांचल की श्रमिक राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल का दौर जारी है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सबसे बड़े मेगा प्रोजेक्ट्स गेवरा और दीपका में ट्रेड यूनियनों के बीच वर्चस्व की जंग अब एक नया और दिलचस्प मोड़ ले चुकी है।

हिंद मजदूर सभा (HMS) के अंदरूनी कलह और शीर्ष नेतृत्व के कड़े फैसलों के बाद, श्रमिक राजनीति के समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं।एचएमएस के कद्दावर नेता रहे रेशम लाल कोयला मजदूर पंचायत’ का झंडा थाम लिया है।

संगठन के अंदर चल रही खींचतान और रणनीतिक बदलावों को देखते हुए, नाथूलाल पांडे ने गेवरा, दीपका और सेंट्रल एक्सकवेशन वर्कशॉप की सभी एरिया कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का फरमान जारी कर दिया।इस आदेश के जारी होते ही स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष फैल गया।

जिन नेताओं ने वर्षों तक क्षेत्र में यूनियन को खड़ा किया था, वे खुद को हाशिए पर महसूस करने लगे।कमेटी भंग होने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि असंतुष्ट गुट कोई बड़ा कदम उठा सकता है। गेवरा स्थित कोयला मजदूर पंचायत के कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ यूनियन के कद्दावर महासचिव विनय सिंह की विशेष उपस्थिति में रेशम लाल ने अपने समर्थकों के साथ नई यूनियन की सदस्यता ग्रहण की। विनय सिंह ने खुद रेशम लाल का यूनियन में स्वागत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!