
हरदी बाजार/कोरबा। हरदी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा में उस समय हड़कंप मच गया जब गांव निवासी रफीक मोहम्मद गुरुवार सुबह इंसाफ की मांग को लेकर गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया।
तेज बारिश के बावजूद वह टंकी से उतरने को तैयार नहीं था और लगातार पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए न्याय की मांग करता रहा।जानकारी के अनुसार, रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने हरदी बाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दोनों का कहना है कि मंगलवार को ग्राम सिरली के पास उन्हें बिना किसी ठोस कारण के पकड़कर थाने ले जाया गया। आरोप है कि वहां उनके साथ लाठी, डंडे और बेल्ट से मारपीट की गई तथा बाद में चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उनसे जबरन यह बयान दिलवाया गया कि वे भागते समय गिर गए थे।
पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे 23,500 रुपये भी लिए गए। रफीक मोहम्मद का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे।
वहीं इस मामले में हरदी बाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि दोनों व्यक्तियों के खिलाफ क्षेत्र में जुआ फड़ संचालित करने की शिकायतें मिली थीं। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़कर धारा 151 के तहत कार्यवाही की गई थी।घटना को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा लोगों को जबरन घरों से उठाकर थाने ले जाया जा रहा है।
इसी बीच एक और मामला सामने आया है, जिसमें अनवर अली नामक युवक की पत्नी ने दावा किया है कि उसका पति पिछले चार दिनों से घर नहीं लौटा है।फिलहाल पूरे मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराता है या नहीं, और पानी टंकी पर चढ़कर विरोध कर रहे युवक को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

