कोरबा/दीपका | साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र में सूचना के अधिकार (RTI) कानून के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ललित कुमार महिलांगे ने आरोप लगाया है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद जन सूचना अधिकारी (PIO) ने उनके आवेदन पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद उन्होंने प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर कर दी है।

महिलांगे ने 29 मई 2026 को आरटीआई आवेदन देकर कन्वेयर बेल्ट और साइलो संचालन से जुड़े दस्तावेज, मजदूरों के भुगतान का विवरण तथा पीएफ, ईएसआई और अन्य सामाजिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी मांगी थी। उनका कहना है कि आरटीआई अधिनियम के तहत 30 दिनों के भीतर जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न तो सूचना दी गई और न ही कोई जवाब भेजा गया।आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि SECL दीपका प्रबंधन संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता नहीं बरत रहा है। उनका कहना है कि मजदूरों के भुगतान, पीएफ और ईएसआई जैसे मामलों में अनियमितताओं को छिपाने के लिए जानकारी देने से बचा जा रहा है।

हालांकि, इन आरोपों पर SECL प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।ललित कुमार महिलांगे ने यह भी दावा किया कि यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भूविस्थापित किसानों से जुड़े एक अन्य मामले में भी उन्होंने आरटीआई लगाई थी, लेकिन उस मामले में भी उन्हें जानकारी नहीं मिली।अब उन्होंने प्रथम अपीलीय प्राधिकारी से मांग की है कि जन सूचना अधिकारी की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और मांगी गई जानकारी आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अवसर देने की भी मांग की है।

आरटीआई कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रथम अपील के बाद भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और न्यायालय का रुख करेंगे।

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