दीपका। नगर क्षेत्र में 84 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे पोल एवं स्ट्रीट लाइट निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद करीब 40 प्रतिशत राशि का भुगतान नगर पालिका दीपका द्वारा ठेकेदार को कर दिया गया है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतों के बाद नगर पालिका दीपका मुख्य अधिकारी ने मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है। इस टीम में कार्य संभाल रहे इंजीनियर, दो वरिष्ठ पार्षद अरुणीश तिवारी समेत नगर पालिका के दो कर्मचारी शामिल हैं। टीम को सात दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, हैरानी की बात यह है कि अभी तक कार्य की गुणवत्ता जांच शुरू भी नहीं हो पाई है, इसके बावजूद ठेकेदार को बड़ी राशि का भुगतान कर दिया गया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं प्रक्रिया में लापरवाही या मिलीभगत हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई स्थानों पर कार्य अधूरा और मानकों के विपरीत किया गया है, फिर भी भुगतान किया जाना समझ से परे है। लोगों ने मांग की है कि पहले कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब निगाहें जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि निर्माण कार्य में वास्तव में अनियमितता हुई है या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।
गौरतलब है कि घटिया निर्माण को लेकर पार्षद कमलेश जायसवाल समेत ब्लॉक कांग्रेस द्वारा लगातार शिकात की जा रही है यहां तक कि आंदोलन की चेतावनी भी दी गई बावजूद इसके ठेकेदार को भुगतान पालिका द्वारा कर दिया गया है।

