कोरबा जिले की गेवरा खदान में काम कर रही PNC कंपनी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्थानीय भू-प्रभावित छत्तीसगढ़िया परिवारों को नौकरी से वंचित करने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया है।

संगठन का आरोप है कि खदान से प्रभावित गांवों के लोगों की जमीन, जल स्रोत और आजीविका छिनने के बाद भी PNC कंपनी उन्हें रोजगार में प्राथमिकता नहीं दे रही, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।

PNC कंपनी पर यह भी आरोप है कि ड्राइवरों को समय पर पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा कई ड्राइवरों को गेट पास जारी नहीं किया गया तय मानकों के अनुसार उचित वेतन नहीं मिल रहा । क्रांति सेना ने PNC कंपनी को सीधा 5 दिवसीय अल्टीमेटम देते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर 15 अप्रैल 2026 तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कंपनी का पूरा काम बंद करा दिया जाएगा।

संगठन ने ऐलान किया है कि मांगें नहीं मानी गईं तो PNC कंपनी का सम्पूर्ण कार्य ठप किया जाएगा कंपनी के खिलाफ शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक आंदोलन होगा अब और अन्याय नहीं सहेंगे” संगठन के नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई छत्तीसगढ़ के बेटा-बेटियों के हक और सम्मान की है और अगर अनदेखी हुई तो हालात बिगड़ सकते हैं।

अब निगाहें PNC कंपनी पर पूरा मामला अब PNC कंपनी के जवाब और कार्रवाई पर टिका है। क्या कंपनी समय रहते समाधान निकालेगी या गेवरा खदान में बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा—यह आने वाले कुछ दिन तय करेंगे।

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