दीपका/नगर पालिका परिषद दीपका एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला 84 लाख रुपये के स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य का है। शहर में लगाए जा रहे खंभे (पोल) और केबल वायर की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और अब युवा कांग्रेस ने भी खुलकर मोर्चा खोल दिया है।

घटिया सामग्री से हो रहा काम, बड़ा हादसा होने की आशंका।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये के इस प्रोजेक्ट में थर्ड ग्रेड सामग्री का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। खंभों की मजबूती और वायरिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह का काम न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है।

पार्षद कमलेश जायसवाल ने मुख्य सचिव से की शिकायत।

वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद कमलेश कुमार जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को औपचारिक शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरतते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है और जनता के टैक्स के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

युवा कांग्रेस का अल्टीमेटम – ‘अब नहीं रुकेगा आंदोलन’

मामले को लेकर युवा कांग्रेस भी आक्रामक हो गई है। प्रदेश सचिव तनवीर अहमद ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस नगर पालिका परिषद का घेराव करेगी और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे दीपका की जनता के अधिकारों का मामला है। 84 लाख रुपये की राशि छोटी नहीं होती, और यदि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है तो इसकी जवाबदेही तय होना ही चाहिए। हालांकि अब तक कई शिकायतें अलग अलग व्यक्तियों द्वारा की गई है मगर सभी शिकायतें ठंडे बस्ते में पड़ हुए है।

इस पूरे मामले ने दीपका नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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