कोरबा। एसईसीएल गेवरा खदान में चालक बहुरन दास के साथ हुई मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में खदान के कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
ताजा जानकारी के अनुसार, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के 50 से अधिक कर्मचारियों ने हाजिरी लगाकर काम पर जाने से इनकार कर दिया और कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने मारपीट में शामिल शिफ्ट डंपर ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। इससे खदान के कामकाज पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।वहीं, विरोध कर रहे कर्मचारियों ने जीएम गेवरा से मौके पर पहुंचकर बातचीत करने और समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि उच्च प्रबंधन को मौके पर आकर उनकी बात सुननी चाहिए और सुरक्षा की गारंटी देनी चाहिए।
गौरतलब है कि इससे पहले पीड़ित बहुरन दास ने दीपका थाने में प्रियेश दुबे, समेत अन्य लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
मामले में प्रबंधन द्वारा CCTV फुटेज भी पुलिस को सौंपे जा चुके हैं।फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर खदान क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रबंधन व पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

