शाजी थामस

कोरबा,। एसईसीएल की दीपका कोयला खदान में एक बार फिर दर्दनाक घटना सामने आई है। निजी कंपनी कलिंगा कॉरपोरेशन में कार्यरत ड्राइवर जीवराखन जांगड़े की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित श्रमिकों ने करीब 7 घंटे तक काम बंद कर दिया, जिससे पूरे खदान क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, जीवराखन जांगड़े पिछले पांच वर्षों से कलिंगा कॉरपोरेशन में ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। बीती रात ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही श्रमिकों में आक्रोश भड़क उठा और ठेकेदार कंपनी के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।

मामले को शांत कराने के लिए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन) के प्रदेश संगठन मंत्री उमा गोपाल ने हस्तक्षेप करते हुए श्रमिकों और ठेकेदार प्रबंधन के बीच लंबी बातचीत कराई। अंततः मृतक के परिवार के हित में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी।

क्रिया-कर्म के लिए तत्काल ₹3.50 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई,सभी ड्राइवरों व कर्मचारियों द्वारा एक दिन का वेतन चंदा देने का निर्णय, अनुमानित राशि ₹15–16 लाख।कलिंगा कंपनी द्वारा लगभग ₹7 लाख का इंश्योरेंस क्लेम।कुल मिलाकर करीब ₹26–27 लाख का राहत पैकेज।परिवार के एक सदस्य को कंपनी में नौकरी देने का आश्वासन।बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च कंपनी द्वारा उठाने का लिखित वादा।इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद श्रमिकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और करीब 7 घंटे बाद खदान में काम पुनः शुरू कर दिया गया।

गौरतलब है कि लगातार हो रही घटनाओं ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और श्रमिकों के बीच भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।फिलहाल, इस घटना के बाद प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!