कोरबा जिले के गेवरा खदान क्षेत्र में एक बार फिर संगठित डीजल चोरी गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। बीती रात की घटना में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की पेट्रोलिंग टीम ने खदान परिसर में डोजर से डीजल चोरी करते हुए एक संदिग्ध बोलेरो वाहन को पकड़ा।
जानकारी के अनुसार, पेट्रोलिंग के दौरान CISF टीम ने मशीनों के आसपास संदिग्ध गतिविधि देखी। शक होने पर टीम ने बोलेरो का पीछा किया, लेकिन चालक वाहन लेकर भागने लगा। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद CISF ने वाहन को रोक लिया। इस दौरान वाहन में सवार चार से पांच युवक मौके से फरार हो गए, जबकि एक युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
पकड़े गए युवक की पहचान जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा (22 वर्ष), पिता कांति लाल, निवासी कुसमुंडा के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान वाहन से चार डब्बों सहित लगभग 80 लीटर डीजल और चोरी में उपयोग किए जाने वाले पाइप बरामद किए गए। इस मामले में CISF निरीक्षक कर्मा रिंचे लामू की शिकायत पर दीपका पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303, 328, 338, 336/3, 340 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि गिरोह द्वारा फर्जी गेटपास और फर्जी वाहन नंबर के जरिए खदान क्षेत्र में प्रवेश किया गया था। इस खुलासे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि खदान क्षेत्र में CISF की कड़ी निगरानी रहती है और बिना अनुमति प्रवेश लगभग असंभव माना जाता है। ऐसे में चार पहिया वाहन का अंदर तक पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है।
ज्ञात हो कि इससे पहले भी गेवरा खदान में संगठित तरीके से डीजल चोरी के मामले सामने आ चुके हैं। ताजा घटना के बाद एक बार फिर यह आशंका गहराने लगी है कि खदान क्षेत्र में डीजल चोरी का नेटवर्क दोबारा सक्रिय हो गया है।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है।

