कोरबा। SECL के गेवरा-दीपका क्षेत्र की खदानों से उड़ रही भारी मात्रा में धूल ने दीपका इलाके के निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर प्रगति नगर और दीपका कॉलोनी में रहने वाले लोग धूल प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं, क्योंकि ये कालोनी खदानों के ठीक मुहाने पर स्थित हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों में चल रही भारी मशीनों, कोयला परिवहन और ओपनकास्ट गतिविधियों के कारण लगातार धूल उड़ रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई बार 10 मीटर की दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी धूल के कारण साफ दिखाई नहीं देता। इससे न सिर्फ दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है बल्कि लोगों को सांस, एलर्जी और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
प्रगति नगर और दीपका कॉलोनी के निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में पांच श्रमिक ट्रेड यूनियन होने के बावजूद इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस आवाज नहीं उठाई जा रही है। लोगों का कहना है कि यूनियन नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है, जबकि कर्मचारी और उनके परिवार धूल प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों के खतरे के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही खदान प्रबंधन द्वारा धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय—जैसे नियमित पानी छिड़काव, सड़कों का रखरखाव और प्रदूषण नियंत्रण—नहीं किए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और SECL प्रबंधन से मांग की है कि दीपका क्षेत्र में बढ़ते धूल प्रदूषण पर तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।


