दीपका (कोरबा)।एसईसीएल गेवरा माइंस में ओवरबर्डन एवं कोयला उत्खनन का कार्य कर रही पीएनसी कंपनी को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद गहराता जा रहा है। कंपनी को यह कार्य पांच वर्षों के लिए आवंटित किया गया है तथा इसका कार्यालय कटघोरा रोड, दीपका में संचालित हो रहा है। हाल ही में स्थानीय युवाओं की अनदेखी और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर नगर पालिका परिषद दीपका के कांग्रेस, भाजपा एवं निर्दलीय दलों से जुड़े करीब 10 से 12 पार्षदों ने कंपनी कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
पार्षदों का कहना है कि कार्यालय के बाहर “नो वैकेंसी” का बोर्ड लगे होने के बावजूद बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियां रोजगार की उम्मीद में प्रतिदिन घंटों कार्यालय के बाहर खड़े रहने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पीएनसी कंपनी स्थानीय बेरोजगार युवाओं, भू-विस्थापितों एवं प्रभावित परिवारों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दे रही है।इसके साथ ही पार्षदों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ लोगों द्वारा पैसों की मांग की जा रही है। यदि ऐसा है, तो यह नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ क्षेत्र के गरीब एवं बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है।
वहीं पीएनसी कंपनी प्रबंधन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों एवं एसईसीएल के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाती है। कंपनी के अनुसार वर्तमान में अधिकांश पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, इसलिए “नो वैकेंसी” का बोर्ड लगाया गया है। अवैध वसूली के आरोपों को कंपनी प्रबंधन ने निराधार बताते हुए कहा कि यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं, तो वे प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें, कंपनी स्वयं जांच में सहयोग करेगी।
घटना की सूचना मिलते ही दीपका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने पार्षदों एवं कंपनी प्रबंधन को आश्वस्त किया कि जल्द ही प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं कंपनी प्रबंधन के बीच एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक के बाद ही भर्ती प्रक्रिया एवं लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल मामला शांत है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग और आरोप–प्रत्यारोप के बीच अब सभी की निगाहें प्रस्तावित बैठक और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

