शाजी थॉमस

कोयलांचल/धनबाद/त्यौहारी सीजन करीब है दुर्गापूजा को अब करीब दो सप्ताह ही बाकी है।15 अक्टूबर को कलश स्थापना है। अब तक कोयला कर्मियों के बोनस को लेकर कोई चर्चा शुरू नहीं हुई है। ऐसे में कोयला कर्मी परेशान नजर आ रहे हैं। बोनस पर नजरें टिकी है।

मामले पर यूनियन सूत्रों ने कहा कि वेतन समझौता को लेकर उपजे विवाद से स्थिति इतनी खराब हो गई कि बोनस पर अब तक कोई भी चर्चा नही हो सकी है। एक बार वेतन समझौता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाए तो बोनस का मुद्दा उठेगा। वैसे बोनस का भुगतान तो दुर्गापूजा के पहले होना ही है। कितना होगा, यह तो वार्ता में ही तय होगा ।मालूम हो कि कोयलांचल के बाजार को दुर्गापूजा पर कोल कर्मियों के बोनस का इंतजार रहता है। बोनस पर लोग खरीददारी करते हैं और बाज़ार गर्म रहता है,इस बार बोनस पर निर्णय में देरी संभव है। जिससे व्यापारी भी चिंतित हैं।

ट्रेड यूनियनों के तीन दिवसीय हड़ताल के नोटिस पर 27 को दिल्ली में वार्ता है। संभव है इस दौरान कोल इंडिया प्रबंधन बोनस पर वार्ता के लिए यूनियनों को कुछ संकेत दे सकते है। वैसे बोनस के मुद्दे पर अब अक्टूबर में ही वार्ता की उम्मीद है।

गौरतलब है कि 2022 में कोयला कर्मचारियों को 76,500 रुपए बोनस (परफार्मेस लिंक रिवार्ड ) बोनस मिला था। इस बार कम से कम 80 हजार तक बोनस का कयास लगाया जा रहा है । बोनस से देश के लगभग 2.38 लाख कोयला कर्मी लाभान्वित होंगे। सबसे अधिक लगभग 80 हजार से अधिक कोयलाकर्मी झारखंड में हैं। झारखंड में बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल के तीन कंपनी, सीएमपीडीआईएल के कर्मी लाभान्वित होंगे।

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