कोरबा/छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला कोरबा की समस्त इकाइयों एवं जिला पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष शशिकांत डिक्सेना के नेतृत्व में जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी से सौजन्य मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से जिले में पत्रकारों एवं उनके परिजनों पर दर्ज की जा रही एफआईआर को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की गई।संघ ने मांग की कि किसी भी शिकायत के आधार पर पत्रकारों पर सीधे एफआईआर दर्ज करने के बजाय पहले निष्पक्ष एवं गंभीर जांच की जाए और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही वैधानिक कार्रवाई की जाए।
संगठन का कहना है कि बिना जांच के दर्ज की जा रही एफआईआर से पत्रकारों की स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पत्रकारों की बातों को गंभीरता से सुना और संगठन को आश्वस्त किया कि जिले में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन सदैव कानून के दायरे में रहकर कार्य करता है तथा आमजन और मीडिया के साथ मित्रवत एवं सहयोगात्मक संबंध बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के संभागीय अध्यक्ष राहुल डिक्सेना, उपाध्यक्ष श्रीधर नायडू, सचिव अमरीक सिंह, कोरबा जिलाध्यक्ष शशिकांत डिक्सेना, कटघोरा ब्लॉक अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दर्री ब्लॉक अध्यक्ष भागवत दीवान, पाली ब्लॉक अध्यक्ष रितेश जायसवाल, कुसमुंडा ब्लॉक अध्यक्ष ओम गभेल, करतला ब्लॉक अध्यक्ष राजू खत्री, जिला प्रवक्ता आलोक पांडेय सहित जितेंद्र गुप्ता, शिवप्रसाद गुप्ता, चंद्रप्रकाश जायसवाल, मणि निंजा, नानक राजपूत, महेश कुर्रे, रामचरण साहू, समीर गुप्ता, बिरजू बाला, आकाश मनकर एवं संगठन के अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।
पत्रकार संघ ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में पुलिस प्रशासन पत्रकारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतेगा, जिससे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।

