बिलासपुर। एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में कंपनी के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) हरीश दुहन से वरिष्ठ भाजपा नेता, पार्षद एवं पीआईसी प्रभारी अरुणीश तिवारी ने सौजन्य भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र से जुड़ी कई ज्वलंत समस्याओं की ओर सीएमडी का ध्यान आकर्षित कराया।अरुणीश तिवारी ने एसईसीएल के मेगा प्रोजेक्ट गेवरा एवं दीपका परियोजना क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि कोयलांचल क्षेत्र में इस स्तर के विद्यालय की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही है। विद्यालय की स्थापना से जहां एसईसीएल कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आसपास के भू-विस्थापित परिवारों के बच्चों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
चर्चा के दौरान सीएमडी हरीश दुहन ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि इस दिशा में प्रयास जारी हैं और आने वाले समय में सुखद परिणाम मिलने की पूरी संभावना है।भेंट के दौरान अरुणीश तिवारी ने एसईसीएल के ठेका कार्यों में लगातार गिर रही गुणवत्ता पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के दौर में कई ठेकेदार अत्यधिक बिलो-रेट पर कार्य लेकर आते हैं, जिससे एस्टीमेट के अनुरूप गुणवत्ता बनाए रखना संभव नहीं हो पाता। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि 5 लाख के कार्य को 50 से 60 प्रतिशत बिलो-रेट में लेकर ठेकेदार डेढ़-दो लाख में काम स्वीकार कर लेते हैं, जिससे बाद में कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
उन्होंने मांग की कि ऐसी नीति बनाई जाए, जिसमें एक न्यूनतम सीमा रेखा तय हो, ताकि कोई भी ठेकेदार उस सीमा से नीचे जाकर कार्य न ले सके।इस पर सीएमडी श्री दुहन ने सहमति जताते हुए कहा कि यह एक नीतिगत विषय है, जो कोल इंडिया एवं वित्त मंत्रालय की गाइडलाइन से जुड़ा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि इस व्यवस्था में सुधार के लिए कोल इंडिया स्तर पर प्रयास जारी हैं और आने वाले समय में इसमें निश्चित रूप से सुधार देखने को मिलेगा।

